चलते-फिरते
GEORGIA में मनाया जा रहा है विश्व पर्यटन दिवस, जानिए 44 साल पहले इसकी शुरुआत होने की कहानी
संतोष शाही - 0
दोस्तों, जिंदगी बहुत छोटी है। इसको लेकर चलने वाला शरीर एक मशीन। इसके हर कल-पूर्जे का आपको ख्याल रखना चाहिए। बदलते हुए दौर में मानसिक तनाव कई बीमारियों को जन्म दे रही है। यह ऐसी स्थिति है कि आपको पता भी नहीं चलता है। हर दिन यह धीरे-धीरे आपकी मशीन को खराब करती है। परिणाम आप सभी को पता...
कई बार ऐसा वक्त आता है कि लोग ठहर सा जाते हैं, उनमें निरंतरता नहीं रहती। कोशिश होती है कि रवानगी फिर से शुरू की जाए। लेकिन ठहराव की जड़े मजबूत रहती है और कहीं न कहीं मन की ताकत कमजोर। आपका यायावर भी पिछले कुछ महीनों में ठहर सा गया था। यात्राएं धीमी पड़ गई थी और मन...
घूमने के शौकिनों से माफी मांगनी पड़ रही है. करीब दो महीने बाद पापीकोंडालू यात्रा की तीसरी कड़ी लिख रहा हूं. इस बीच कई नई जगहों से रुबरू हुआ हूं. उसकी कहानी भी आपको बताए बिना तो रह नहीं पाऊंगा. लेकिन, इससे पहले आपको लिए चलता हूं पापीकोंडालू जहां यायावर को रात बितानी थी. पिछली पोस्ट में आपने पढ़ा...




