आज से करीब 9 महीने पहले जब मैं अपने शहर उत्तराखंड से हैदराबाद के लिए आ रही थी तो मन में कई सवाल थे, और डर भी था कि मैं अपने नार्थ (उत्तर) के सुदंर पहाड़ो को को छोड़ कर साउथ (दक्षिण) में कैसे रह पाऊंगी? पर कहीं न कहीं मन में ये उत्साह भी था कि करियर...
जिंदगी… रास्ता ही बदल देती है और आप खुद को कहीं और ही पाते हैं. एक साल पहले जब हैदराबाद आ रहा था तो एक साथ कई डर मन में पनप रहा था पहला ये कि दिल्ली छोड़कर दक्षिण भारत जा रहा हूं कैसे रह पाऊंगा. ना कोई जान न पहचान बैग उठाया पास में टिकट लिया और चल...
देश के बापू, हमसब के राष्ट्रपिता और दुनिया के लिए महात्मा। जी हां, आज 2 अक्टूबर है। मोहन से महात्मा बने गांधी जी का जन्मदिन। बदलती हुई दुनिया में भी गांधी की प्रासंगिकता और ज्यादा बढ़ती जा रही है। देश से लेकर दुनिया तक गांधीवाद की चर्चा बढ़ गई है। गांधी की तो हत्या कर दी गई थी। लेकिन,...
कश्मीर में मेहमानवाजी का दौर अभी थमा नहीं है. बारामुला और गुलमर्ग के बाद श्रीनगर लौटना है. जहां, एक दोस्त की ओर से कश्मीरी शादी देखने का न्योता मिला है. तो घुमक्कड़ी के पांचवे दिन भारती द्विवेदी श्रीनगर की ओर निकल पड़ी हैं. आगे पढ़ें…
सड़क पर सन्नाटाबहुत सारा प्यार और यादों को समेटे हुए हम श्रीनगर के...
पिछले पार्ट में मलाना गांव तक पहुंचने की यायावरी बताई गई थी. यहां एक दिन और रात बिताया हूं. इसकी कहानी आगे बताऊंगा. मलाना से वापसी की यात्रा ज्यादा रोमांचक और साहसिक है. इससे पहले मलाना गांव की कुछ सच्चाई बताता हूं.
गूगल सर्च से अलग है सच्चाई
इंटरनेट पर कई ब्लाग्स और लेख मलाना के बारे में मिलते...
केरल की खूबसूरती की कोई तुलना नहीं है. प्रकृति के हर रंग को इस राज्य में देखा जा सकता है. समंदर की लहरों से लेकर बैकवाटर में शिकारा का लुत्फ यहां उठाया जा सकता है. केरल को साउथ का जन्नत कहने में कोई हिचक नहीं हो सकती है. कुछ दिन यहां बिताने के बाद आप इस राज्य के फैन...
बेस्ट घुमक्कड़
पहाड़ों में रास्ता भटका तो 3 घंटे तक घूमता रहा, किन्नौर वैली में हुई एंट्री
संतोष शाही - 0
स्पिति यात्रा का आज तीसरा दिन है। हाटू माता मंदिर से निकलने के बाद हमलोगों का टारगेट हिमाचल प्रदेश के किन्नौर जिले का कल्पा या चितकुल था। किन्नौर हिमाचल के दुर्गम इलाकों में आता है। काफी सालों तक यह पर्यटकों से अछूता रहा था। क्योंकि यहां तक पहुंचने के रास्ते काफी दुर्गम थे। दुर्गम तो अभी भी है। लेकिन,...
चार राज्यों की सीमाओं को छूनेवाली बेहद नैसर्गिक खूबसूरती को समेटे हुए पापीकोंडालू यात्रा की ये अंतिम कड़ी है. अब तक आप बैंबू चीकेन के टेस्ट से रूबरू हो चुके हैं. साथ ही अनगिनत तारों के नीचे बैंबू टेंट में बीती रात की कहानी भी जान चुके हैं. अब पढ़ें पापीकोंडालू में ट्रैकिंग और वापसी का सफर.
हर सुबह ऐसी...
मलाना यात्रा की यह आठवीं सीरिज है. शिमला और कसोल की यात्रा पूरी कर अब मलाना की ओर निकलने के लिए तैयार थे. अब मजेदार और रोमांचक पल शुरू होने वाला है.
खाई और पहाड़ी के बीच गाड़ी
गाड़ी कसोल से मलाना की ओर रवाना हो गई. एक साल से सोचा हुआ सपना पूरा होने वाला था. वहीं, ड्राइवर हमें तरह-तरह...
कश्मीर की ये पांचवीं और अंतिम कड़ी है.पत्रकार भारती द्विवेदी ने बड़ी ही जीवंतता से घाटी के हर पहलु को बताने की कोशिशकी है. उन्होंने यायावरी के जरिए जन्नत की खूबसूरती से लेकर समस्याओं से रूबरू कराया.
अनंतनाग से पहलगाम तक
यात्रा के अंतिम दिन हम साउथ कश्मीर के लिएनिकल गए.कश्मीर का हर रास्ता आपको अपनी खूबसूरती से चौंकाता है. हर...











