ऑफिस में कीबोर्ड पर उंगलियां तो उसी स्पीड में चल रही थी. लेकिन, पिछले कुछ दिनों से मन में अजीब सी बेचैनी महसूस कर रहा था. रह-रहकर लग रहा था कि कोई मुझसे पूछ रहा है. क्या कर रहे हो तुम. क्या करना है तुम्हें. तभी सोच लिया अब निकल पड़ना है किसी नई दिशा की ओर. किसी नई...
जिंदगी… रास्ता ही बदल देती है और आप खुद को कहीं और ही पाते हैं. एक साल पहले जब हैदराबाद आ रहा था तो एक साथ कई डर मन में पनप रहा था पहला ये कि दिल्ली छोड़कर दक्षिण भारत जा रहा हूं कैसे रह पाऊंगा. ना कोई जान न पहचान बैग उठाया पास में टिकट लिया और चल...
बेस्ट घुमक्कड़
मलाना यात्रा की 5वीं कड़ी: एडवेंचर के शौकिनों को शिमला नहीं कुफरी से है मुहब्बत
संतोष शाही - 0
अब तक आपने पढ़ा शिमला में योगी जी के साथ हुई घुमक्कड़ी और हिमाचली संस्कृति की एक बानगी. अब पढ़िए शिमला से कुफरी की मजेदार यात्रा
कुफरी की आबादी काफी कम है. इसकी वजह से यहां नेचुरल ब्युटी शिमला से ज्यादा है. महज 25 किमी की दूरी पर आप हिल स्टेशन का जबरदस्त लुत्फ उठा सकते हैं. पब्लिक ट्रांसपोर्ट...
पिछले पार्ट में आपने पढ़ा... जरी से मलाना गेट तक का सफर बेहद रोमांचक रहा. अब, आपका यायावर मलाना गेट से गांव तक के सफर के बारे में बता रहा है. करीब 2 किमी की इस ट्रैकिंग को सिर्फ आप अनुभव कर सकते हैं. इसे शब्दों में बयां करना बड़ी मुश्किल है. फिर भी एक कोशिश...
गेट से गांव का...
कश्मीर की ये पांचवीं और अंतिम कड़ी है.पत्रकार भारती द्विवेदी ने बड़ी ही जीवंतता से घाटी के हर पहलु को बताने की कोशिशकी है. उन्होंने यायावरी के जरिए जन्नत की खूबसूरती से लेकर समस्याओं से रूबरू कराया.
अनंतनाग से पहलगाम तक
यात्रा के अंतिम दिन हम साउथ कश्मीर के लिएनिकल गए.कश्मीर का हर रास्ता आपको अपनी खूबसूरती से चौंकाता है. हर...
मलाना यात्रा की यह आठवीं सीरिज है. शिमला और कसोल की यात्रा पूरी कर अब मलाना की ओर निकलने के लिए तैयार थे. अब मजेदार और रोमांचक पल शुरू होने वाला है.
खाई और पहाड़ी के बीच गाड़ी
गाड़ी कसोल से मलाना की ओर रवाना हो गई. एक साल से सोचा हुआ सपना पूरा होने वाला था. वहीं, ड्राइवर हमें तरह-तरह...
देश के बापू, हमसब के राष्ट्रपिता और दुनिया के लिए महात्मा। जी हां, आज 2 अक्टूबर है। मोहन से महात्मा बने गांधी जी का जन्मदिन। बदलती हुई दुनिया में भी गांधी की प्रासंगिकता और ज्यादा बढ़ती जा रही है। देश से लेकर दुनिया तक गांधीवाद की चर्चा बढ़ गई है। गांधी की तो हत्या कर दी गई थी। लेकिन,...
कश्मीर में मेहमानवाजी का दौर अभी थमा नहीं है. बारामुला और गुलमर्ग के बाद श्रीनगर लौटना है. जहां, एक दोस्त की ओर से कश्मीरी शादी देखने का न्योता मिला है. तो घुमक्कड़ी के पांचवे दिन भारती द्विवेदी श्रीनगर की ओर निकल पड़ी हैं. आगे पढ़ें…
सड़क पर सन्नाटाबहुत सारा प्यार और यादों को समेटे हुए हम श्रीनगर के...
बेस्ट घुमक्कड़
एक ही कैंपस में समाधि और मजार; मोको कहां ढूढ़ें बंदे, मैं तो तेरे पास में…न मैं देवल…न मैं मस्जिद, न काबे कैलास में…’
admin - 0
कुछ ही लोग होते हैं, जिन्हें बचपन में भी पढ़ाई का शौक होता है। जिन्हें परिवार के लोग बचपन से ही अलग पहचान देने लगते हैं। ज्यादतर मेरी तरह अनुभवों और जीवन में जिनका धीरे-धीरे पढ़ाई के प्रति लगाव होता है। लेकिन, बचपन की किताबों में कुछ कहानियां और कविताएं ऐसी होती है, जो पुस्तकों के प्रति आपका लगाव...
आज से करीब 9 महीने पहले जब मैं अपने शहर उत्तराखंड से हैदराबाद के लिए आ रही थी तो मन में कई सवाल थे, और डर भी था कि मैं अपने नार्थ (उत्तर) के सुदंर पहाड़ो को को छोड़ कर साउथ (दक्षिण) में कैसे रह पाऊंगी? पर कहीं न कहीं मन में ये उत्साह भी था कि करियर...











