पिछले पार्ट में मलाना गांव तक पहुंचने की यायावरी बताई गई थी. यहां एक दिन और रात बिताया हूं. इसकी कहानी आगे बताऊंगा. मलाना से वापसी की यात्रा ज्यादा रोमांचक और साहसिक है. इससे पहले मलाना गांव की कुछ सच्चाई बताता हूं.
गूगल सर्च से अलग है सच्चाई
इंटरनेट पर कई ब्लाग्स और लेख मलाना के बारे में मिलते...
चार राज्यों की सीमाओं को छूनेवाली बेहद नैसर्गिक खूबसूरती को समेटे हुए पापीकोंडालू यात्रा की ये अंतिम कड़ी है. अब तक आप बैंबू चीकेन के टेस्ट से रूबरू हो चुके हैं. साथ ही अनगिनत तारों के नीचे बैंबू टेंट में बीती रात की कहानी भी जान चुके हैं. अब पढ़ें पापीकोंडालू में ट्रैकिंग और वापसी का सफर.
हर सुबह ऐसी...
मलाना यात्रा की यह आठवीं सीरिज है. शिमला और कसोल की यात्रा पूरी कर अब मलाना की ओर निकलने के लिए तैयार थे. अब मजेदार और रोमांचक पल शुरू होने वाला है.
खाई और पहाड़ी के बीच गाड़ी
गाड़ी कसोल से मलाना की ओर रवाना हो गई. एक साल से सोचा हुआ सपना पूरा होने वाला था. वहीं, ड्राइवर हमें तरह-तरह...
बेस्ट घुमक्कड़
पहाड़ों में रास्ता भटका तो 3 घंटे तक घूमता रहा, किन्नौर वैली में हुई एंट्री
संतोष शाही - 0
स्पिति यात्रा का आज तीसरा दिन है। हाटू माता मंदिर से निकलने के बाद हमलोगों का टारगेट हिमाचल प्रदेश के किन्नौर जिले का कल्पा या चितकुल था। किन्नौर हिमाचल के दुर्गम इलाकों में आता है। काफी सालों तक यह पर्यटकों से अछूता रहा था। क्योंकि यहां तक पहुंचने के रास्ते काफी दुर्गम थे। दुर्गम तो अभी भी है। लेकिन,...
जिंदगी… रास्ता ही बदल देती है और आप खुद को कहीं और ही पाते हैं. एक साल पहले जब हैदराबाद आ रहा था तो एक साथ कई डर मन में पनप रहा था पहला ये कि दिल्ली छोड़कर दक्षिण भारत जा रहा हूं कैसे रह पाऊंगा. ना कोई जान न पहचान बैग उठाया पास में टिकट लिया और चल...
बेस्ट घुमक्कड़
मलाना यात्रा की 5वीं कड़ी: एडवेंचर के शौकिनों को शिमला नहीं कुफरी से है मुहब्बत
संतोष शाही - 0
अब तक आपने पढ़ा शिमला में योगी जी के साथ हुई घुमक्कड़ी और हिमाचली संस्कृति की एक बानगी. अब पढ़िए शिमला से कुफरी की मजेदार यात्रा
कुफरी की आबादी काफी कम है. इसकी वजह से यहां नेचुरल ब्युटी शिमला से ज्यादा है. महज 25 किमी की दूरी पर आप हिल स्टेशन का जबरदस्त लुत्फ उठा सकते हैं. पब्लिक ट्रांसपोर्ट...
बेस्ट घुमक्कड़
एक ही कैंपस में समाधि और मजार; मोको कहां ढूढ़ें बंदे, मैं तो तेरे पास में…न मैं देवल…न मैं मस्जिद, न काबे कैलास में…’
admin - 0
कुछ ही लोग होते हैं, जिन्हें बचपन में भी पढ़ाई का शौक होता है। जिन्हें परिवार के लोग बचपन से ही अलग पहचान देने लगते हैं। ज्यादतर मेरी तरह अनुभवों और जीवन में जिनका धीरे-धीरे पढ़ाई के प्रति लगाव होता है। लेकिन, बचपन की किताबों में कुछ कहानियां और कविताएं ऐसी होती है, जो पुस्तकों के प्रति आपका लगाव...
पिछले पार्ट में आपने पढ़ा... जरी से मलाना गेट तक का सफर बेहद रोमांचक रहा. अब, आपका यायावर मलाना गेट से गांव तक के सफर के बारे में बता रहा है. करीब 2 किमी की इस ट्रैकिंग को सिर्फ आप अनुभव कर सकते हैं. इसे शब्दों में बयां करना बड़ी मुश्किल है. फिर भी एक कोशिश...
गेट से गांव का...
कश्मीर की ये पांचवीं और अंतिम कड़ी है.पत्रकार भारती द्विवेदी ने बड़ी ही जीवंतता से घाटी के हर पहलु को बताने की कोशिशकी है. उन्होंने यायावरी के जरिए जन्नत की खूबसूरती से लेकर समस्याओं से रूबरू कराया.
अनंतनाग से पहलगाम तक
यात्रा के अंतिम दिन हम साउथ कश्मीर के लिएनिकल गए.कश्मीर का हर रास्ता आपको अपनी खूबसूरती से चौंकाता है. हर...
देश के बापू, हमसब के राष्ट्रपिता और दुनिया के लिए महात्मा। जी हां, आज 2 अक्टूबर है। मोहन से महात्मा बने गांधी जी का जन्मदिन। बदलती हुई दुनिया में भी गांधी की प्रासंगिकता और ज्यादा बढ़ती जा रही है। देश से लेकर दुनिया तक गांधीवाद की चर्चा बढ़ गई है। गांधी की तो हत्या कर दी गई थी। लेकिन,...










