केरल की खूबसूरती की कोई तुलना नहीं है. प्रकृति के हर रंग को इस राज्य में देखा जा सकता है. समंदर की लहरों से लेकर बैकवाटर में शिकारा का लुत्फ यहां उठाया जा सकता है. केरल को साउथ का जन्नत कहने में कोई हिचक नहीं हो सकती है. कुछ दिन यहां बिताने के बाद आप इस राज्य के फैन...
ऑफिस में कीबोर्ड पर उंगलियां तो उसी स्पीड में चल रही थी. लेकिन, पिछले कुछ दिनों से मन में अजीब सी बेचैनी महसूस कर रहा था. रह-रहकर लग रहा था कि कोई मुझसे पूछ रहा है. क्या कर रहे हो तुम. क्या करना है तुम्हें. तभी सोच लिया अब निकल पड़ना है किसी नई दिशा की ओर. किसी नई...
आज से करीब 9 महीने पहले जब मैं अपने शहर उत्तराखंड से हैदराबाद के लिए आ रही थी तो मन में कई सवाल थे, और डर भी था कि मैं अपने नार्थ (उत्तर) के सुदंर पहाड़ो को को छोड़ कर साउथ (दक्षिण) में कैसे रह पाऊंगी? पर कहीं न कहीं मन में ये उत्साह भी था कि करियर...
पिछले पार्ट में मलाना गांव तक पहुंचने की यायावरी बताई गई थी. यहां एक दिन और रात बिताया हूं. इसकी कहानी आगे बताऊंगा. मलाना से वापसी की यात्रा ज्यादा रोमांचक और साहसिक है. इससे पहले मलाना गांव की कुछ सच्चाई बताता हूं.
गूगल सर्च से अलग है सच्चाई
इंटरनेट पर कई ब्लाग्स और लेख मलाना के बारे में मिलते...
पिछले पार्ट में आपने पढ़ा... जरी से मलाना गेट तक का सफर बेहद रोमांचक रहा. अब, आपका यायावर मलाना गेट से गांव तक के सफर के बारे में बता रहा है. करीब 2 किमी की इस ट्रैकिंग को सिर्फ आप अनुभव कर सकते हैं. इसे शब्दों में बयां करना बड़ी मुश्किल है. फिर भी एक कोशिश...
गेट से गांव का...
मलाना यात्रा की यह आठवीं सीरिज है. शिमला और कसोल की यात्रा पूरी कर अब मलाना की ओर निकलने के लिए तैयार थे. अब मजेदार और रोमांचक पल शुरू होने वाला है.
खाई और पहाड़ी के बीच गाड़ी
गाड़ी कसोल से मलाना की ओर रवाना हो गई. एक साल से सोचा हुआ सपना पूरा होने वाला था. वहीं, ड्राइवर हमें तरह-तरह...
जिंदगी… रास्ता ही बदल देती है और आप खुद को कहीं और ही पाते हैं. एक साल पहले जब हैदराबाद आ रहा था तो एक साथ कई डर मन में पनप रहा था पहला ये कि दिल्ली छोड़कर दक्षिण भारत जा रहा हूं कैसे रह पाऊंगा. ना कोई जान न पहचान बैग उठाया पास में टिकट लिया और चल...
कश्मीर की ये पांचवीं और अंतिम कड़ी है.पत्रकार भारती द्विवेदी ने बड़ी ही जीवंतता से घाटी के हर पहलु को बताने की कोशिशकी है. उन्होंने यायावरी के जरिए जन्नत की खूबसूरती से लेकर समस्याओं से रूबरू कराया.
अनंतनाग से पहलगाम तक
यात्रा के अंतिम दिन हम साउथ कश्मीर के लिएनिकल गए.कश्मीर का हर रास्ता आपको अपनी खूबसूरती से चौंकाता है. हर...
कश्मीर में मेहमानवाजी का दौर अभी थमा नहीं है. बारामुला और गुलमर्ग के बाद श्रीनगर लौटना है. जहां, एक दोस्त की ओर से कश्मीरी शादी देखने का न्योता मिला है. तो घुमक्कड़ी के पांचवे दिन भारती द्विवेदी श्रीनगर की ओर निकल पड़ी हैं. आगे पढ़ें…
सड़क पर सन्नाटाबहुत सारा प्यार और यादों को समेटे हुए हम श्रीनगर के...
चार राज्यों की सीमाओं को छूनेवाली बेहद नैसर्गिक खूबसूरती को समेटे हुए पापीकोंडालू यात्रा की ये अंतिम कड़ी है. अब तक आप बैंबू चीकेन के टेस्ट से रूबरू हो चुके हैं. साथ ही अनगिनत तारों के नीचे बैंबू टेंट में बीती रात की कहानी भी जान चुके हैं. अब पढ़ें पापीकोंडालू में ट्रैकिंग और वापसी का सफर.
हर सुबह ऐसी...












