बनारस या वाराणसी को शब्दों में बयां करना बेहद मुश्किल है। यह सिर्फ एक शहर नहीं बल्कि संस्कृति और जीवनशैली का मिश्रण है। बनारस पूरी जिंदगी के सार को बताता है। यहां के घाटों से होकर सिर्फ गंगा ही नहीं बहती है। बल्कि, पूरी जिंदगी साथ-साथ चलती है। इस शहर को जानने के लिए धैर्य की जरूरत है। यहां की गलियां, मोहल्ला, घाट और भाषायी रस आपसे कई महीने मांगते हैं। राज घाट से लेकर अस्सी घाट तक पूरा जीवन चलता है। जीवन का दर्शन चलता है। हर उम्र के लोगों के लिए बनारस है। यह ज्ञान की भी धरती है और मोक्ष की भी। शब्दों के जरिए बनारस को आगे बताउंगा। इससे पहले फोटोज के जरिए देखिए बनारस के अलग-अलग रंग।








