Malana beautiful village in himachal
अब तक आपने पढ़ा कि योगी जी के साथ शिमला की घुमक्कड़ी हुई है. मॉल रोड से लेकर गिरजाघर, हाईकोर्ट, सीएम हाउस देखकर वापस योगी जी के घर पहुंचा हूं. अब आगे पढ़ें
मॉल रोड से करीब डेढ़ घंटे तक चलने के बाद रेसिडेंस पहुंचा. शाम के सात बज रहे थे. थकान इतनी की हर पल नींद की आगोश में गोते लगा रहा था. लगातार जम्हाई लेता देख योगी जी ने चाय के साथ नाश्ता मंगवाया. गरमागरम पकौड़ी के साथ चाय पीते ही नींद खत्म हो गई. रात बढ़ते ही ठंड का एहसास होने लगा था. तापमान नीचे गिर रहा था. कमरे में हीटर जलने के बावजूद मुझे ठंड लग रही थी. मेरी स्थिति को देख मोटी रजाई दी गई. कुछ देर तक रजाई के नीचे दबे रहने के बाद रिलैक्स हुआ.

इस दौरान योगी जी की फैमिली के और भी सदस्य आ गए. इसके बाद मजेदार बातचीत शुरू हुई. उनके पिताजी काफी देर तक सेब के बगानों के बारे में बताते रहे. पहाड़ी संस्कृति से रूबरू कराते रहे. तब पता चला कि हमें पहाड़ और पर्वत देखने में काफी अच्छा लगता है. लेकिन यहां की जिंदगी काफी मुश्किल भरी होती है. उन्होंने कहा कि पहाड़ की सबसे बड़ी खासियत है लोगों को निडर बना देना. यही वजह है कि पहाड़ी कभी हार नहीं मानते. खानपान से लेकर रहन-सहन पर तमाम चर्चाएं ऐसे ही होती रही.

बातचीत के दौरान ही एलसीडी पर किसी की शादी का वीडियो चल रहा था. इसे देख मुझे काफी अच्छा लग रहा था. पता चला योगी जी की शादी पिछले साल ही हुई है. वीडियो में महिलाएं बारात भी जा रही थी और जमकर डांस भी कर रही थी. मैंने पूछा क्या ग्रामीण इलाकों में भी यहां महिलाएं बारात जाती है. दवा आया. बिल्कुल. योगी जी के पिताजी ना हंसते हुए कहा कि पुरूषों की तरह महिलाएं भी बारात जाती है. साथ ही हर रस्म में पुरूषों से ज्यादा हिस्सेदारी निभाती हैं. ये जानकर मुझे काफी अच्छा लगा. हमारे यहां आज भी ग्रामीण अंचलों में महिलाएं बारात नहीं जाती है.

ये भी पता चला कि शादियों में आज भी यहां बॉलीवुड के गानें नहीं बजते हैं. पहाड़ी गीतों पर ही पुरूषों के साथ महिलाएं डांस करती है. बातचीत में रात बीत रही थी. लेकिन कहानी खत्म नहीं हो रहा था. सुबह निकलना भी था. इस वजह से रात 12 बजे के करीब बेहतरीन भोजन किया. इसके बाद सोने के लिए चला गया. मेरी हालत को देखते हुए योगी जी ने दो रजाई दे दिया था. नींद कब लगी पता ही नहीं चला.
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