यही कोई रात के करीब डेढ़ बजे होंगे। मैं और शाही जी Santosh Shahi खाना खाकर बैठे ही थे कि मैंने कहा, ‘चलिए कहीं से तफरी मारकर आते हैं।’शाही जी ने पूछा, ‘कहां?’ मैंने कहा, ‘सुषमा-पनामा(हैदराबाद का एक मुहल्ला)’
सफर पर संशय
जवाब आया, 'सुषमा-पनामा नहीं। हाईवे पर कहीं चलते हैं। कोई एक रास्ता पकड़ पर निकल जाते हैं। कहीं...
मलाना यात्रा की यह अंतिम कड़ी है. गेस्ट हाउस से निकलने के लिए सभी लोग तैयार हो गए. मैंने अपना पिठु बैग साथ चलनेवाले शख्स को दे दिया. बाहर निकलते ही डर लगने लगा था. रास्ता कहीं दिख ही नहीं रहा था. सबसे आगे लांपला चल रहा था. उसके पीछे मैं और फिर पूरी टीम. हल्की-हल्की बर्फबारी भी हो...
पिछले पार्ट में आपने पढ़ा मलाना गांव में बर्फबारी का जमकर लुत्फ उठाया गया. साथ ही डर भी सता रहा था कि यहां से कैसे निकला जाएगा. इस कड़ी में पढ़ें नींद खुलने पर क्यों सभी बाहर का नजारा देख हैरान रह गए...
पहली बार दिखा ऐसा दृश्य
सुबह हो चुकी थी. हमलोगों की नींद भी खुल चुकी थी. घड़ी की...
पिछले पार्ट में आपने मलाना गांव की सच्चाई के बारे में पढ़ा था. गूगल सर्च से निकली कई जानकारियां यहां पहुंचकर गलत साबित हो गई थी. अब, आपको रूबरू कराते हैं मलाना की बर्फबारी से...
बर्फ की बिछी चादर
मलाना गेस्ट हाउस करीब 2 बजे दोपहर तक पहुंच गए थे. कमरे में कुछ देर तक सभी ने आराम किया. बर्फबारी शुरू...
आज से करीब 9 महीने पहले जब मैं अपने शहर उत्तराखंड से हैदराबाद के लिए आ रही थी तो मन में कई सवाल थे, और डर भी था कि मैं अपने नार्थ (उत्तर) के सुदंर पहाड़ो को को छोड़ कर साउथ (दक्षिण) में कैसे रह पाऊंगी? पर कहीं न कहीं मन में ये उत्साह भी था कि करियर...
अगर आपने जिंदगी मिलेगी दोबारा फिल्म देखी होगी तो वो सीन जरूर याद होगा जिसमें कैटरीना स्कूबा डाइविंग की ट्रेनिंग देती है. आपकी यात्रा में भले ही कोई कैटरीना या रितिक न हो. लेकिन, समंदर के अंदर के जीवन को आप यहां जरूर महसूस कर सकते हैं. लहरों के भीतर जो जिंदगी चलती है. उसे एहसास कर सकते हैं....
पिछले पार्ट में मलाना गांव तक पहुंचने की यायावरी बताई गई थी. यहां एक दिन और रात बिताया हूं. इसकी कहानी आगे बताऊंगा. मलाना से वापसी की यात्रा ज्यादा रोमांचक और साहसिक है. इससे पहले मलाना गांव की कुछ सच्चाई बताता हूं.
गूगल सर्च से अलग है सच्चाई
इंटरनेट पर कई ब्लाग्स और लेख मलाना के बारे में मिलते...
पिछले पार्ट में आपने पढ़ा... जरी से मलाना गेट तक का सफर बेहद रोमांचक रहा. अब, आपका यायावर मलाना गेट से गांव तक के सफर के बारे में बता रहा है. करीब 2 किमी की इस ट्रैकिंग को सिर्फ आप अनुभव कर सकते हैं. इसे शब्दों में बयां करना बड़ी मुश्किल है. फिर भी एक कोशिश...
गेट से गांव का...
मलाना यात्रा की यह आठवीं सीरिज है. शिमला और कसोल की यात्रा पूरी कर अब मलाना की ओर निकलने के लिए तैयार थे. अब मजेदार और रोमांचक पल शुरू होने वाला है.
खाई और पहाड़ी के बीच गाड़ी
गाड़ी कसोल से मलाना की ओर रवाना हो गई. एक साल से सोचा हुआ सपना पूरा होने वाला था. वहीं, ड्राइवर हमें तरह-तरह...
ये है ट्रैफिक चचा की कहानी। माफ कीजियेगा, इनका नामकरण मैं कर रहा हूं। मुझे नहीं पता इनको यहां लोग किस नाम से पुकारते हैं। वैसे इनका नाम रामदास है।
काम देख होगी हैरानी
आज सुबह सवेरे इनसे मुलाकात हुई। सिकंद्राबाद रेलवे स्टेशन के बाहर। ये एक ऐसा काम करते हैं जो इनका है ही नहीं। फिर भी जिम्मेदारी इन्होंने...












