आज से करीब 9 महीने पहले जब मैं अपने शहर उत्तराखंड से हैदराबाद के लिए आ रही थी तो मन में कई सवाल थे, और डर भी था कि मैं अपने नार्थ (उत्तर) के सुदंर पहाड़ो को को छोड़ कर साउथ (दक्षिण) में कैसे रह पाऊंगी? पर कहीं न कहीं मन में ये उत्साह भी था कि करियर की शुरुआत एक अच्छी जगह से हो रही थी. वो सुदंर शहर था हैदराबाद रामोजी फिल्म सिटी, (ETV Bhart) जो कि एशिया का सबसे बड़ा फिल्म स्टूडियो का परिसर माना जाता है।

ब्लड लेने से ज्यादा मुश्किल है छुट्टी लेना
अब 8 महीने अपने ऑफिस में काम करने के बाद मैं काफी ऊब चुकी थी. मन में ख्याल आया कि मैं कहीं घूमने निकल जांऊ. पर ऑफिस से छुट्टी लेना एक जंग जीतने जितना ही मुश्किल होता है. लेकिन मैं तो मैं हूं. मनवाली और मतवाली. छुट्टी लेकर दोस्तों के साथ गोवा के लिए निकल गई. हमने हैदराबाद से गोवा के लिए बस पकड़ी. AC coach Sleeper बस थी. जिसमें हमने काफी मजे किए. पहली बार साउथ इंडिया में इतनी लंबी यात्रा बस से कर रही थी.

पणजी की सुबह
बस में जैसे ही मैं अपनी सीट पर पहुंची और उसे देखा तो सोच लिया कि ये मेरा छोटा-सा घर है. इसी घर में एक रात बितानी है. अब हम आगे बढ़ते हैं और गपशप के साथ अपने सफ़र का आनंद लेते हुए चलते चले गए. रास्ते में बस रुकती है और कंडक्टर सभी को कहने आता है कि आप सभी लोग खाना खा सकते हैं बस 20 मिनट के लिए रुकेगी. हम सब खाना खाते है और वापस बस में बैठते है. इस तरह हम सभी बस मे सो जाते हैं और जब सुबह आंख खुलती है तो हम गोवा के Panjim Bus Stand पर पहुंच चुके होते हैं.

समंदर से एक मुलाकात
Bus Stand पर पहुंचने के बाद हम कैब के जरिए अपने होटल तक पहुंचते हैं. और थोड़ी देर आराम करने के बाद मैं सभी को बीच पर जाने के लिए कहती हूं सबको तैयार कर और हम होटल से candolim beach के लिए पैदल निकलते है क्योंकि हमारा होटल बीच के पास ही था. अब हम candolim beach goa पर पहुंचते हैं. सामने नीला समंदर दूर दूर तक केवल नीला पानी ही पानी दिखाई दे रहा था. वो अहसास ही कुछ अलग था मैं बहुत ज्यादा खुश थी और उत्सुक भी थी.

लहरों के बीच बिंदास गर्ल
सब लोग एक एक करके पानी में उतरने लगे पर मुझे पानी से बड़ा डर लगता था तो मैं बस एक जगह पर बैठकर पानी को निहार रही थी. मेरे दोस्त मुझे बार बार बुलाते पर मैं ना कह देती. मन तो बड़ा कर रहा था कि पानी में उतर जांऊ पर पानी से डर भी तो लगता था, मैने थोड़ी सी हिम्मत की और पानी में उतर गई अब जब मैं एक बार पानी में उतर गई तो फिर क्या था मैने बहुत मस्ती कि और सबके साथ पानी में खेलती रही. कुछ घंटे पानी में खेलने के बाद हम सभी बीच के किनारे पर आते हैं और कोल्ड ड्रिंक, वेज मंचूरियन, सैंडविच का आनंद लेते हुए समंदर की ठंडी हवाओं का लुफ्त उठाते हैं.

होटल की ओर वापसी
अब हम वापस होटल की तरफ निकले. शाम को हम लोग Baga Beach के लिए निकलते है. होटल से निकलकर हमने एक लड़के से पूछा कि हमें बागा बीच जाना है. कैसे हम वहां तक पहुंचेगें. तो उसने हमें बहुत अच्छा सुझाव दिया कि यहां से आपको बस मिलेगी जो आपको आगे चौराहे तक छोड़ देगी और वहां से आप पैदल बागा बीच तक पहुंच सकते हैं. फिर क्या था बस आई हम बस में चढ़े और चौराहे तक पहुंचते हैं, वहां से पैदल निकलते हैं लेकिन लोगों से पुछने पर पता चलता है कि चौराहे से बीच की दूरी लगभग 3 से 4 किमी. है तो हम एक कैब बुक करते है और बीच तक पहुंचते है.

काश! यहीं बस जाऊं
वहां पहुंचते ही ऐसा लगा कि मैं एक अलग ही दुनिया में आ गई हूं चारों तरफ लाइट जल रही थी. सामने नीला समंदर और साथ में Romantic गाने भी बज रहे थे ऐसा लग रहा था जैसे कि मैं किसी दुसरी दुनिया में आ गई हूं. और मन कर रहा था कि यहीं रहूं और इस मंजर को अपनी आंखों में कैद कर लूं. इसके बाद वहां से हम लोग बाजार की तरफ निकले कहीं काजू तो कहीं बैग की दुकाने, कहीं रैस्टोरैंट तो कहीं कल्ब, कहीं पिज़्ज़ा तो कही बीयर बार दिखाई पड़ रहे थे. फिर हम एक रेस्टोरैंट में जाते हैं और वहां पर हम चिकन कबाब खाते हैं, और फिर घूमते-घूमते पैदल पैदल अपने होटल की तरफ़ निकलने लगते हैं आगे जाके हमें एक छोटी सी दुकान दिखती है जहां पर मैंगी और ब्रेड आमलेट बन रहा था मन किया की खा लूं. फिर मैने ब्रेड आमलेट खाया और उसके बाद हम होटल की तरफ निकलते है रात काफी हो चुकी थी तो अब बस तो मिलने से रही तो जैसे- तैसे हम लोग होटल तक पहुंचते है.

समंदर में बच्चों की टोली
अगले दिन हम Sinquerim Beach Goa के लिए निकले. फिर हमने उसी लड़के से पूछा कि हमें Sinquerim Beach जाना है तो कैसे जाए? इस बार उसका उत्तर वैसा ही होता है जैसा पहली बारी में था. फिर हम निकले और बस पकड़ी. Sinquerim Beach पहुंचने के बाद तो मैंने वहां पर खूब मस्ती की ढ़ेर सारी फोटो क्लिक की वीडियो बनाई और खुशनुमा मौसम का लुफ्त उठाया. बीच पर नहाने में भी काफी मज़ा आया. वहीं पर कुछ छोटे बच्चे भी थे जिनके साथ जमकर मस्ती की. इसके बाद हम बीच से होटल तक पैदल पहुंच गए.

देश में विदेश की फिलिंग
बीच के आस-पास काफी बाजार दिखा. ऐसा लग रहा था मानो हम विदेश घूम रहे हैं. क्योंकि वहां पर भारी मात्रा में विदेशी घूमने आते हैं. ये मान लीजिए की वहां पर 70% लोग विदेशी थे. वहां पर मुझे हर जगह चर्च दिखाई दे रहे थे. लेकिन वहां पर बहुत कम मंदिर दिख रहे थे. वहां के लोगो का व्यवहार मुझे बहुत अच्छा लगा सब लोग हमसे बड़े प्यार से बाते कर रहे थे. अब हम होटल पहुंचते खाना मगंवाते हैं और खाना खाने के बाद हम सब बातें कर के अपने अपने रुम में सोने चले जाते हैं.

चलो परिंदे लौट चलें
अब आज हमें वापस लौटना था तो हम होटल से चैक आउट करते है और Miramar Beach के लिए निकलते है, क्योंकि हमारी वापसी की बस 5.30 की थी तो हम अब साउथ गोवा की तरफ़ निकले और वहां भी बहुत मजे़ किए. उसके बाद वहीं पास में एक पार्क था तो हम वहां भी घूम लिए. अब हमने एक जगह पर भेलपूरी और पानी पूरी खाई और इसके बाद हम बस स्टॉप की लिए निकल पड़े. बस पकड़ कर अब हम सभी वापस हैदराबाद के लिए निकल रहे थे. मैं अपने मन में यहीं सोच रही थीं कि अब मैं एक बार फिर से गोवा घूमने जाऊगीं लेकिन इस बार मैं 1 हफ्ते की छुट्टी लेकर जाऊगीं…

चेहरे पर हमेशा मुस्कान. कॉन्फिडेंस से लबरेज और सेल्फी लेने में माहिर मोनिका बिष्ट ने गोवा यात्रा की यायावरी लिख भेजी है. उत्तराखंड की पहाड़ियों में पली-बढ़ी मोनिका पेशे से पत्रकार हैं. लेकिन, दिल में हमेशा घुमक्कड़ी चलते रहती है. तो आप यूं ही घुमते रहिए और कईयों को जलाते रहिए…
