108 फीट ऊंची है बजरंगबली की मूर्ति, रामायण से जुड़ी है मान्यताएं

शिमला के शिखर पर मौजूद जाखू मंदिर को देखे बिना आपकी यात्रा पूरी नहीं हो सकती है. भले ही आप भगवान में विश्वास नहीं रखते हों. लेकिन,इस मंदिर से आपको शिमला की अद्भुत खूबसूरती दिखेगी. मशहूर रीज मैदान के ऐतिहासिक चर्च के पीछे से पडाड़ी की ओर सड़क जाती है. आपको मंदिर तक पहुंचने के लिए करीब 2.5 किमी चलना होगा. जैसे ही आप जाखू पर्वत की ओर बढ़ेगें. खुद को नेचर के करीब पाएंगे.दूर से ही आपको बजरंग बली की मूर्ति देखने लगती है. यहां तक पहुंचने के लिए कुछ दूर तक गाड़ियां भी जाती है. लेकिन, फिर आपको खुद ही चलना होगा. कहा जाता है कि शिमला की सबसे ऊंची पहाड़ी पर जाखू मंदिर है.

जाखू मंदिर

इस मंदिर के पास जाने के दौरान बंदरों की फौज से भी सामना करना पड़ता है. यात्रियों को इनसे सावधान रहना पड़ता है. खासकर, अगर आपके हाथ में कोई थैला और बैग है तो सबसे ज्यादा बचना चाहिए. कभी भी कोई बंदर आपका थैला छीनकर दूसरी ओर गिरा सकता है. कई बार तो मोबाइल और कैमरा भी बंदर खींच लेते हैं. वे हाथ से लटकता हुआ हर चीज को उड़ाने की फिराक में रहते हैं. यही वजह है कि डर से मैं भी अपना मोबाइल और कैमरा नहीं निकाला. मेरे साथ भी मंदिर पहुंचने से पहले कुछ ऐसा ही हुआ था. हाथ में थैला लेकर मैं मंदिर की ओर जा रहा था. थैले में कुछ गर्म कपड़े थे. एक बंदर की नजर इस पर पड़ गई. रास्ता रोककर वो बैठ गया. बंदर का तेवर देख थैले को उसकी ओर फेंक दिया. कुछ ही देर में उसका खेल शुरू हो गया. बंदर के हाथ में नारियल वाली कहावत सच होते देख रही थी.सभी कपड़ों को बिखेरने के बाद वो निराश होकर चला गया. करीब डेढ़ घंटे तक चलने के बाद मैं मंदिर तक पहुंच गया.

मंदिर से खूबसूरत नजारा

8 हजार फीट की ऊंचाई से शिमला को देखने का मजा ही कुछ और है. आपकी पूरी थकान दूर हो जाएगी. लगेगा यहीं कुछ दिन रह जाऊं. हनुमान जी की मूर्ति देखने के लिए आपको सिर उठाना पड़ेगा. 108 फीट ऊंची मूर्ति को देख आप हैरान रह जाएंगे. सोच में पड़ जाएंगे कि ऐसी प्रतिमा को यहां तक कैसे लाया गया. मैं भी काफी देर तक यही सोचता रहा था. मंदिर के चारों ओर बैरिकेटिंग की हुई है. हवा इतनी अच्छी की आपको नींद भी आ सकती है. इस मंदिर की मान्यताएँ रामायण काल से जुड़ी हुई है. कहा जाता है कि संजीवनी बूटी लाने के दौरान बजरंग बली यहां रूके थे. उनके पद का चिन्ह आज भी मंदिर के पीछे एक जगह पर दिखता है. उन्होंने यहां तपस्या कर रहे जाखू जी से आने का वादा किया था. लेकिन, वापसी के दौरान आ नहीं सके. इसके बाद यहां उनकी एक मूर्ति प्रकट हुई थी.

108 फीट ऊंची मूर्ति.

तो दोस्तों आप भी शिमला आने पर जाखू मंदिर से शहर की खूबसूरती जरूर देखें. इसे देखे बिना आप यात्रा का मारक मजा नहीं ले पाएंगे.

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